TDS 194T

वर्तमान मे, कोनो फर्म (साझेदारी फर्म अथवा LLP) द्वारा अपन पार्टनर के देल गेल भुगतान पर TDS लागू नहि होइत अछि। वर्तमान समय मे, TDS केवल तखने लागू होइत अछि जखन भुगतान फर्म के कोनो कर्मचारी के कएल जाइत अछि।

परिचय

बजट 2024 मे एकटा नव प्रावधान जोड़ल गेल अछि, जे अनुसार 1 अप्रैल 2025 सँ फर्म द्वारा अपन पार्टनर के कएल गेल विशेष प्रकारक भुगतान पर धारा 194T के प्रावधान अनुसार TDS कटौती लागू होयत।

एहि ब्लॉग मे हम चर्चा करब:

  • धारा 194T अंतर्गत आबि रहल भुगतानक प्रकार
  • TDS कटौती दर आ लागू सीमा
  • धारा 194T अंतर्गत TDS कतय कटत
  • धारा 194T के प्रावधान के लागू करबाक स्थिति
  • धारा 194T के व्यावहारिक प्रभाव

धारा 194T अंतर्गत कोन-कोन भुगतान शामिल अछि?

निम्नलिखित प्रकारक भुगतान जँ फर्म द्वारा अपन पार्टनर के कएल जाइत अछि, तऽ ओ धारा 194T मे आबैत अछि:

  • वेतन (Salary)
  • पारिश्रमिक (Remuneration)
  • कमीशन (Commission)
  • बोनस (Bonus)
  • कोनो खाता पर ब्याज (जइसँ कि ऋण खाता अथवा पूंजी खाता पर ब्याज)

धारा 194T अंतर्गत TDS कटौती दर आ सीमा

  • TDS कटौती दर: 10%
  • सीमा: जँ कोनो वित्तीय वर्ष मे फर्म द्वारा अपन पार्टनर के देल गेल कुल भुगतान ₹20,000 सँ बेसी होयत, तखने TDS काटल जायत।

धारा 194T अंतर्गत TDS कटौती कतय करब?

TDS निम्नलिखित दिनांक मे सँ जे पहिने होयत, तखने काटल जायत:

  1. फर्म के किताब मे पार्टनर के खाता मे राशि दर्ज करबाक दिन
  2. पार्टनर के वास्तविक भुगतान करबाक दिन

टिप्पणी: पार्टनर के पूंजी खाता मे राशि दर्ज करब सेहो कटौती के दिन मानल जायत।

धारा 194T के प्रावधान के लागू करबाक स्थिति

वित्त विधेयक 2024 मे उल्लिखित अनुसार, धारा 194T के प्रावधान 1 अप्रैल 2025 सँ प्रभावी होयत।

धारा 194T जोड़ा जेबाक व्यावहारिक प्रभाव

वर्तमान समय मे, पार्टनर द्वारा पारिश्रमिक निकासी कई कारक पर निर्भर करैत अछि, जइसे की नगदी प्रवाह (cash flow) आ कर प्रभाव (tax implications)। लेकिन, एहि नव प्रावधान के कारण, पार्टनर के अपन निकासी प्रक्रिया के व्यवस्थित करबाक आवश्यकता होयत, किएक तँ निकासी पर 10% के दर सँ TDS कटौती लागू होयत।

अनेक स्थिति मे पार्टनर के पारिश्रमिक फर्म के लाभप्रदता (profitability) पर निर्भर करैत अछि, जे प्रायः फर्म के वार्षिक खाताबही बंद होयबाक बाद निर्धारित होइत अछि। एहिलिए, किछु फर्म सभ के अपन खाताबही समय पर बंद करबाक आवश्यकता होयत, विशेष रूप सँ मार्च तिमाही के TDS जमा करबाक अंतिम तिथि 30 अप्रैल होयबाक कारण।

निष्कर्ष

धारा 194T के प्रावधान लागु होयबाक कारण, आब पार्टनर सभ के अपन वित्तीय योजना बनाबैमे सतर्कता रखबाक आवश्यकता होयत, किएक तँ TDS लागु होयबाक कारण हुनकर नगदी प्रवाह (cash flow) प्रभावित होयत। ई प्रावधान आयकर अधिनियम मे एकटा महत्वपूर्ण संशोधन अछि, जे फर्म आ पार्टनर दुनू लेल कर अनुपालन (tax compliance) के बढ़ाबैत अछि।